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शुक्रिया !

  • Writer: Suman Sharma
    Suman Sharma
  • Sep 1, 2024
  • 1 min read

हे ईश्वर

कृतज्ञ हूँ ,जो मुझे दिया,

पर कैसे मानू आभार ,

क्या भेंट करूँ ? क्या दूँ नजराना ?

बताओ,कैसे अर्ज करूँ? शुक्राना !


शतबार धन्यवाद !

शुक्रिया ,आभार ।

आभार कि मैंने अभी अभी एक साँस ली है ,

शुक्रिया कि इस पल ने मुझे एक आस दी है

शुक्रिया !

मेरे साथ मेरी उम्मीद और भरोसा भी जिंदा हैं

शुक्रिया !

ऊँची उड़ान भरता , मेरा हौसला परिंदा है

शुक्रिया !

प्यास लगे तो पीने को साफ पानी है , धमनियों में मेरे खून की रवानी है ।

भूख लगे तो मिलता है मनचाहा अनाज

बेचैन मन भी सुन लेता है सच की आवाज

धूप, गर्मी , सर्दी और बरखा बहार

इन सब रंगों से हैं मेरा घर गुलजार,


शुक्रिया !

मेरे पास आता जब कोई गम हैं ,

रिश्ते है ऐसे ,जो कहते हैं, हम हैं।

मेरे पास बहुत सी खुशनुमा यादें हैं ,

बनाऊँ यादगार पल ऐसी सौगातें हैं

सोचती हूँ , कैसे दूँ धन्यवाद , जब

पहाड़ों सी ऊँची चुनौतियाँ हैं, तभी

सलामत पैर कहते हैं डरना नहीं ,

डगर कठिन है पर हैं न हम साथ

शुक्रिया !

मेरे पास शब्द है , गीत है ,

और मधुर आवाज है,

सरगम है और साज भी है ।


शुक्रिया !

धन्यवाद और शुक्रिया कह सकूँ ,

ऐसी सोंच और जज़्बात है ।


 
 
 

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3 Comments

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Sunita Singh
Sunita Singh
Mar 22
Rated 5 out of 5 stars.

बहुत बढ़िया 👌👌

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SAHAJ SHARMA
SAHAJ SHARMA
Sep 01, 2024
Rated 5 out of 5 stars.

wow


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SAHAJ SHARMA
SAHAJ SHARMA
Sep 01, 2024
Rated 5 out of 5 stars.

mast

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