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दौड़
चलो , एक दौड लगाते हैं .. बस, कार , ऑटो , टैक्सी मेट्रो ,मोनो की ठेलम ठेल में जिंदगी को दौड़ाते हो , कभी मोबाइल के गेम संग कभी पी एस फोर...
Jan 13, 20241 min read
खुदगर्ज़ी (गज़ल )
दिल ए अजीज़ बनू ,जब ये कोशिशें नाकाम हुई , नाकामी इस कदर रोई ,सरेआम वह बदनाम हुई । तस्वीर - ए बटुए ! अश्कों को संभालें कैसे ? जिसे था नाज...
Dec 11, 20231 min read


बनेगी , बिगड़ी बात !
हे गिरधर गोपाल मुरारी , आ जाओ , बाके बिहारी । संकट हरो ,संकटमोचक ! विध्न हरो , हे गजबदन ! कृपा करो, कृपा करो , कृपा करो , त्रिपुरारी !...
Oct 1, 20232 min read

वर्षा, छतरी और डंडा
लघु कथा (बाल साहित्य) वर्षा, छतरी और डंडा गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर हर्ष ने माता- पिता के पैर छूते हुए कहा – " गुरू ब्रम्हा गुरु...
Jul 2, 20234 min read


बरगद और कच्चा धागा
बरस दर बरस ,सालों साल , वट के चारों ओर, लपेटती कच्चा धागा , तथाकथित सत्यवान को बचाने भाग्य ने लिखा था, जिसके लिए, आयु, बस आधा! कच्चे...
Jun 5, 20232 min read


पिता
हे पिता ! सुंदरतम जीवन के शिल्पकार ! धरती मेरे, मेरे आकाश ! तन- मन, जीवन गढ़ने में , पल पल आगे बढ़ने में । गिरने, उठने , उड़ने में ,...
May 24, 20231 min read


शहर को दोष न दो !
गाँव में मिट्टीभी , ऐसी माँ बनजाती है, जोअमीर गरीब पर एक सा प्यार लुटाती है। मिट्टी के कच्चे घर या हो ईंट की दीवार , शिवप्रसाद सी ममता...
Mar 26, 20231 min read
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