पाठक मित्रों, नमस्ते !
मैं सुमन शर्मा, सुमन संदेश अर्थात अपनी कविताओं , लेखों , लघुकथाओं और शिक्षा जगत के सुंदर टिप्स के माध्यम से आप तक पहुँचना चाहती हूँ।
एक एज्यूकेटर , काउन्सिलर व शिक्षा क्षेत्र में लीडर के रूप में अनुभव ने मुझे एक विवेकी और जिज्ञासु छात्रा बना दिया , इस सीखने सीखाने के सफर में आप सभी का साथ हो तो आनंद कई गुना बढ़ जाए , इसीलिए उपस्थित हूँ इस पटल … Sumansandesh.com पर
नवभारत टाइम्स के मत सम्मत स्तंभ में छपे पहले लेख को पुरस्कार प्रात हुआ , तब से अब तक दिल के आइने में अपना चेहरा लेखिका और कवियत्री के रूप में दिखाई देता है, यद्यपि लेखनी की रफ्तार कम - अधिक होती रहती है। इसी प्रोत्साहन ने मुझे पत्रकारिता प्रशिक्षण की ओर प्रेरित किया।
सभी के लिए शिक्षा का अधिकार, सभी के लिए शिक्षा की भिन्न भिन्न चुनौतियाँ , चुनौतियों,समस्याओं व समस्या निदान के लिए एप्रोच के महत्व ने मुझे ब्रेन जिम तकनीक , आर .इ .बी. टी थेरेपी सीखने की ओर प्रेरित किया। अंततः मेरी समग्र शिक्षा , शिक्षा क्षेत्र की भूमिका निभाने में मददगार साबित हो रही हैं ।
अपने जीवन अनुभवों का निचोड़ छोटे-छोटे तुकबंदियों ,गीतों , लघुकथा , लेख और बहुत कुछ लेकर उपस्थित रहूँगी।
आपकी दोस्त
सुमन शर्मा ' सुमन संदेश '
